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The Haryana Story | विश्वविद्यालयों के अनुबन्धित शिक्षकों को भी जल्द मिलेगी सेवा सुरक्षा की गारंटी, शिक्षामंत्री ने दिलाया भरोसा

विश्वविद्यालयों के अनुबन्धित शिक्षकों को भी जल्द मिलेगी सेवा सुरक्षा की गारंटी, शिक्षामंत्री ने दिलाया भरोसा

संघ ने शीतकालीन सत्र में विश्वविद्यालयों के अनुबन्धित शिक्षकों को सेवा-सुरक्षा का कानून पारित करने की शिक्षामंत्री से मांग की : हुकटा

हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबन्धित शिक्षक संघ (हुकटा) ने पानीपत जिला के बीजेपी श्याम कमल कार्यालय में माननीय शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से जनता दरबार में मुलाकात कर आग्रह किया कि सरकारी विश्वविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत हजारों अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों की सेवा-सुरक्षा का कानून बनाने की पिछले साल शीतकालीन सत्र से चली हुई फ़ाइल की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और इस विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कानून पारित किया जाए ताकि सबका रोजगार सुरक्षित हो सकें।

शीघ्र ही सरकार से अनुमति लेकर सेवा सुरक्षा देकर रोजगार की गारंटी दे दी जाएगी : ढांडा

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा और भरोसा दिलाया कि शिक्षा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालयों के अनुबन्धित शिक्षकों से संबंधित सभी जानकारी आ चुकी है और अब शीघ्र ही सरकार से अनुमति लेकर आप सबको सेवा सुरक्षा देकर रोजगार की गारंटी दे दी जाएगी। संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ विजय मलिक एवं डॉ अंजू बाला ने सयुंक्त बयान में बताया कि विवि के अनुबन्धित शिक्षकों को जॉब सिक्योरिटी की गारंटी देने की प्रक्रिया पिछले साल शीतकालीन सत्र में माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी द्वारा वायदे के उपरांत से चल रही है जिसका फाइल क्रमांक 18/197-2023 यूएनपी(1) शिक्षा विभाग कार्यालय पंचकूला से संबंधित है। इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा अनुमोदित उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जा चुकी है। 

अनुबंधित शिक्षकों को रोजगार खोने की चिंता बनी रहती

इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों द्वारा शिक्षा विभाग पंचकूला के अंतिम आदेश के अनुसार मांगी गई सूचना भी शिक्षा विभाग को आगामी कार्यवाही के लिए मिल चुकी है। हुकटा ने माँग की है कि सरकारी विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स की भाँति सेवा-सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे पूरी निश्चिंतता और समर्पण के साथ प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अपना योगदान दे सकें। क्योंकि जब तक सेवा-सुरक्षा का कानून लागू नहीं होता, तब तक हम सब विश्वविद्यालयों के अनुबंधित शिक्षकों को रोजगार खोने की चिंता बनी रहती है।

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