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The Haryana Story | “दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ”, दाखिला मिशन ने पकड़ी रफ्तार

“दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाओ”, दाखिला मिशन ने पकड़ी रफ्तार

दाखिला मिशन 2026 के तहत जिला शिक्षा अधिकारी पानीपत राकेश बूरा ने व्यापक सर्वे अभियान चलाया, अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए भावुक अपील की

शिक्षा को जन आंदोलन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और प्रभावशाली कदम बढ़ाया है। दाखिला मिशन 2026 के तहत आज जिला शिक्षा अधिकारी पानीपत राकेश बूरा ने राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, नांगलखेड़ी के स्टाफ के साथ मिलकर सेक्टर-29 स्थित फ्लोरा चौक क्षेत्र में व्यापक सर्वे अभियान चलाया।

सरकारी स्कूलों की विशेषताएं बताईं

इस दौरान डीईओ राकेश बूरा ने अभिभावकों से सीधे संवाद करते हुए भावुक अपील की—उन्होंने कहा “दो रोटी कम खाओ, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ। शिक्षा ही भविष्य बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है।” उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी और बच्चों के दाखिले के लिए प्रेरित किया। सरकारी स्कूलों की विशेषताएं बताईं जिला कला समन्वयक संदीप रत्तेवाल ने भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बच्चों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल उपलब्धियों को साझा किया।

मिड-डे मील के तहत पौष्टिक भोजन दिया जाता

वहीं डीओसी हरिओम ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सर्वांगीण विकास के लिए बेहतरीन वातावरण उपलब्ध है। फ्री शिक्षा और बेहतर सुविधाओं का भरोसा स्कूल के मुख्य शिक्षक जयदीप ने जानकारी दी कि बच्चों का दाखिला पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है, मुफ्त किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं, कक्षाओं में ड्यूल डेस्क की व्यवस्था है, मिड-डे मील के तहत पौष्टिक भोजन के साथ दूध, पिन्नी, खीर और चॉकलेट जैसी चीजें भी दी जाती हैं।

एनजीओ टीम ने भी संभाली कमान

इस अभियान में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्था की टीमज्योति, श्रुति, पूनम और अफसाना ने भी घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए स्कूल में दाखिला करवाने का आग्रह किया। ये रहे उपस्थित इस मौके पर प्रवीण पाराशर, सुरजीत, बजिन्दर कादियान, सविता दहिया, अशोक धनखड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। दाखिला मिशन 2026 के तहत चलाया जा रहा यह जन-जागरूकता अभियान न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट भी कर रहा है।

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