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The Haryana Story | खुलेंगे इतिहास के पन्ने : बीते कल को सहेजने की तैयारी, हरियाणा में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की बड़ी पहल

खुलेंगे इतिहास के पन्ने : बीते कल को सहेजने की तैयारी, हरियाणा में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की बड़ी पहल

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की सख्त हिदायत: पांडुलिपि सर्वेक्षण में तेज़ी लाए जिला प्रशासन, सभी उपायुक्तों को सौंपी अहम जिम्मेदारियां

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाणा सरकार ने देश की समृद्ध पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सक्रियता तेज़ कर दी है। इसी कड़ी में हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ विस्तृत बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की प्रमुख योजना ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत 16 मार्च से 15 जून 2026 तक पूरे देश में ‘राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ चलाया जा रहा है।

प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़-पत्र दस्तावेजों और दुर्लभ अभिलेखों की पहचान

इसका उद्देश्य देशभर में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़-पत्र दस्तावेजों और दुर्लभ अभिलेखों की पहचान, दस्तावेजीकरण और संरक्षण कर एक व्यापक राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार करना है। इस मिशन के तहत हरियाणा में अभिलेखागार विभाग को राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सभी जिलों में सर्वेक्षण कार्यों का समन्वय करेगा। मुख्य सचिव ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए राज्य स्तरीय स्थायी समिति और जिला स्तरीय समितियों के गठन पर विशेष जोर दिया।

 भौतिक सत्यापन, उनकी स्थिति का आकलन और जियो-टैगिंग जैसे कार्य शामिल

साथ ही प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सभी डीसी के साथ सर्वेक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर पर भी चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सरकारी पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों, संस्कृत पाठशालाओं, मंदिरों, गुरुद्वारों और मठों में मौजूद पांडुलिपियों की पहचान, भौतिक सत्यापन, उनकी स्थिति का आकलन और जियो-टैगिंग जैसे कार्य शामिल हैं। निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी जिलों में यह कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सर्वेक्षण टीमों को निजी और संस्थागत अभिलेखागार तक पहुंच सुनिश्चित कराई जाए

संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण टीमों को निजी और संस्थागत अभिलेखागार तक पहुंच सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही मीडिया, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक मंचों के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाकर आम नागरिकों और पारंपरिक विद्वानों को इस पहल से जोडऩे पर भी बल दिया गया। रिपोर्टिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रत्येक पखवाड़े प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी उन्होंने निर्देश दिए ताकि निगरानी रखी जा सके। 

‘ज्ञान भारतम मिशन’ केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं..

उन्होंने कहा कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक आत्मा को संरक्षित करने का एक ऐतिहासिक प्रयास है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ निभाएगा। सभी जिले में उपलब्ध सभी संभावित स्रोतों—सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों और निजी संग्रहों—की व्यापक पहचान कर उन्हें सर्वेक्षण के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी, जिन्हें तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। 

जनभागीदारी सुनिश्चित करना प्राथमिकता

इस अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करना प्राथमिकता रहेगी। आम नागरिकों, इतिहासकारों, शोधकर्ताओं और पारंपरिक विद्वानों से अपील की जाएगी कि वे अपने पास सुरक्षित ऐतिहासिक दस्तावेजों और पांडुलिपियों की जानकारी साझा करें, ताकि इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित किया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वय और जनसहयोग से पानीपत जिला इस मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा और राज्य के लिए एक मॉडल के रूप में उभरेगा।

युवाओं में इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी यह पहल

उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल हमारी विरासत को सहेजने में मदद करेगी, बल्कि युवाओं में इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी। इस तरह ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के माध्यम से हरियाणा सरकार न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है, बल्कि इसे आने वाली पीढिय़ों तक सुरक्षित पहुंचाने का भी संकल्प दोहरा रही है। बैठक में हरियाणा सरकार की दो विशेष पहलों—‘धरोहरशास्त्री इंटर्नशिप प्रोग्राम’ और ‘अभिलेख दान अभियान’ का भी उल्लेख किया गया। जहां इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अभिलेख संरक्षण और दस्तावेजीकरण का व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा, वहीं ‘अभिलेख दान अभियान’ के जरिए नागरिकों से ऐतिहासिक महत्व के दस्तावेज, पत्र, डायरी, मानचित्र और तस्वीरें स्वेच्छा से राज्य अभिलेखागार को सौंपने की अपील की जा रही है।

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