हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने भू-मित्र नामक व्हाट्सऐप आधारित चैटबॉट लॉन्च किया है। हरियाणा सरकार द्वारा 'भू-मित्र' (Bhu-Mitra) चैटबॉट की शुरुआत राजस्व विभाग की सेवाओं को डिजिटल और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भूमि और राजस्व से संबंधित सेवाएं लेने वाले नागरिकों को 24*7 सहायता प्रदान करेगा। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध यह चैटबॉट राज्य के हर नागरिक के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि भू-मित्र एक स्मार्ट, संवादात्मक (कन्वर्सेशनल) चैटबॉट है, जिसे सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है।
सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी
यह प्लेटफॉर्म पहले से ही हरियाणा के नागरिकों के बीच व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। अब नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या जटिल पोर्टलों का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने स्मार्टफोन पर कुछ ही क्लिक के माध्यम से घर बैठे दिन के किसी भी समय आवश्यक राजस्व सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। डॉ. मिश्रा ने आगे बताया कि भू-मित्र चैटबॉट के माध्यम से नागरिक फिलहाल चार प्रमुख राजस्व सेवाओं का लाभ ले सकते हैं भूमि स्वामित्व और खेती संबंधी रिकॉर्ड के लिए जमाबंदी (Land Records) की प्रति, भूमि स्वामित्व में परिवर्तन से संबंधित इंतकाल (Mutation) की प्रति, संबंधित मामलों के लिए मुआवजा पंजीकरण तथा दस्तावेज पंजीकरण (डीड रजिस्ट्रेशन) से संबंधित सहायता।
नागरिक व्हाट्सऐप नंबर पर मैसेज भेजकर भू-मित्र सेवा का कर सकते हैं उपयोग
इसके अतिरिक्त चैटबॉट के माध्यम से डीड टोकन जनरेशन, भूमि सीमांकन के लिए आवेदन, भूमि एवं राजस्व से जुड़ी शिकायत दर्ज करना, तथा शिकायत की स्थिति की रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं भी एक सरल संवादात्मक इंटरफेस के जरिए व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होंगी। नागरिक व्हाट्सऐप नंबर 95933 00009 को सेव करके और उस पर मैसेज भेजकर भू-मित्र सेवा का उपयोग कर सकते हैं। यह चैटबॉट साल के 365 दिन, चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा और हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सहज संवाद की सुविधा प्रदान करेगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि व्हाट्सएप जैसे परिचित और व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले प्लेटफॉर्म पर महत्वपूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराकर विभाग का उद्देश्य प्रशासनिक देरी को कम करना, कार्यालयों के अनावश्यक दौरे घटाना और नागरिकों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना है।
जानकारी सीधे चैटबॉट के जरिए मिल सकेगी
द्विभाषी इंटरफेस यह सुनिश्चित करेगा कि यह सेवा समाज के सभी वर्गों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों तक भी आसानी से पहुंचे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अगले सप्ताह से डीड रजिस्ट्रेशन सेवाओं से संबंधित सभी एसएमएस भी भू-मित्र प्लेटफॉर्म के माध्यम से भेजे जाएंगे, जिससे नागरिकों को समय-समय पर अपडेट और जानकारी सीधे चैटबॉट के जरिए मिल सकेगी। डॉ. मिश्रा ने बताया कि आने वाले हफ़्तों में भू-मित्र प्लेटफॉर्म में और भी सेवाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे डिजिटल शासन को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह पहल हरियाणा में पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
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