"जब मन में ठान लिया कुछ करना है, तो आपकी डगर कभी मुश्किल नहीं हो सकती।" इस कहावत को पूरी तरह सच कर दिखाया है हरियाणा के करनाल जिले के गांव रसूलपुर कलां के रहने वाले सुनील कुमार रोहिला ने। एक साधारण से परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुनील इंडियन बैंक की करनाल मुख्य शाखा में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। लेकिन बैंक की फाइलों और कंप्यूटर की स्क्रीन के पीछे एक ऐसा जुनूनी पर्वतारोही छिपा है, जिसका असली बसेरा दुनिया की गगनचुंबी चोटियों पर है। सुनील ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर भारत और हरियाणा का नाम चमका दिया है। उन्होंने नेपाल स्थित दुनिया की पांचवीं सबसे ऊंची और बेहद खतरनाक चोटी माउंट मकालू (8,485 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
सुबह 8:30 बजे मकालू पर फतह, बनाया महा-रिकॉर्ड
पर्वतारोही सुनील रोहिला ने अपने क्लाइंबिंग गाइड च्यांग दोरची शेर्पा के साथ मिलकर 20 मई 2026 को सुबह ठीक 8:30 बजे (नेपाल समयानुसार) माउंट मकालू के शिखर को छुआ। मकालू को पर्वतारोहण की दुनिया में अपने तीखे पिरामिड आकार और जानलेवा बर्फीली चट्टानों (ब्लू आइस वॉल) के कारण सबसे तकनीकी और कठिन चोटियों में गिना जाता है। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही सुनील 8 हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाली 6 पर्वत श्रृंखलाओं को फतह करने वाले हरियाणा के पहले पर्वतारोही बन गए हैं।
बैंक की नौकरी के साथ जुनून का सफर
सुनील ने अपने इस पैशन की शुरुआत साल 2015 में की थी। वह कभी ग्रुप के साथ तो कभी अकेले ही पहाड़ों पर ट्रैकिंग के लिए निकल जाते थे। धीरे-धीरे यह शौक उनके जीवन का सबसे बड़ा जुनून बन गया। एक तरफ बैंक की जिम्मेदारी और दूसरी तरफ हाड़ कंपा देने वाली ठंड में पहाड़ों को चुनौती देना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन से दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया। करनाल लौटने पर आईजी (IG) और उच्च अधिकारियों द्वारा उन्हें इस अदम्य साहस के लिए विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया है।
सुनील रोहिला का 'सिक्सर': अब तक फतह की ये 6 बड़ी चोटियां
सुनील ने अब तक दुनिया के जिन 6 सबसे ऊंचे पर्वतों (8,000 मीटर से अधिक) पर विजय प्राप्त की है, उनकी सूची इस प्रकार है:
- माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर): वर्ष 2022 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की।
- माउंट ल्होत्से (8,516 मीटर): दुनिया की चौथी सबसे ऊंची चोटी को महज 22 घंटे के रिकॉर्ड समय में फतह किया था।
- माउंट मकालू (8,485 मीटर): मई 2026 में दुनिया की 5वीं सबसे ऊंची पर्वतमाला पर तिरंगा फहराया।
- माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर): विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी पर भी अपनी कामयाबी दर्ज कराई।
- माउंट मनास्लु (8,163 मीटर): दुनिया की 8वीं सबसे ऊंची चोटी पर बेस कैंप से बिना किसी रोटेशन के मात्र 4 दिनों में चढ़ने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया।
- माउंट अन्नपूर्णा (8,091 मीटर): इस बेहद खतरनाक और जानलेवा चोटी पर भी सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
अगला लक्ष्य: माउंट धौलागिरी
माउंट मकालू से सुरक्षित बेस कैंप वापस लौटने के बाद सुनील के हौसले सातवें आसमान पर हैं। उनका सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है। सुनील रोहिला ने बताया कि उनका अगला मिशन दुनिया की एक और विशाल चोटी माउंट धौलागिरी (8,167 मीटर) को फतह करना है, जिसके लिए वह जल्द ही अपनी तैयारी शुरू करेंगे।सुनील की यह सफलता देश के उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो अपनी रूटीन नौकरी या सीमित संसाधनों के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो पर्वत भी घुटने टेक देते हैं।
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