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The Haryana Story | हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन: कोटक महिंद्रा बैंक 'ब्लैकलिस्ट', सरकारी पैसा निकालने के आदेश

हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन: कोटक महिंद्रा बैंक 'ब्लैकलिस्ट', सरकारी पैसा निकालने के आदेश

सावधान! कोटक महिंद्रा बैंक से नाता तोड़ रही हरियाणा सरकार, पंचकूला नगर निगम घोटाले ने डुबोई कोटक बैंक की साख, हरियाणा सरकार ने तत्काल खाते बंद करने को कहा

हरियाणा सरकार के वित्त विभाग ने 10 अप्रैल 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी कर कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) को राज्य सरकार के पैनल से बाहर (De-empanel) कर दिया है। यह निर्णय पंचकूला नगर निगम के फंड में हुई ₹160 करोड़ की धोखाधड़ी और बैंक रिकॉर्ड में पाई गई भारी अनियमितताओं के बाद लिया गया है।

लेन-देन पर तत्काल रोक

हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब राज्य का कोई भी सरकारी फंड कोटक महिंद्रा बैंक में जमा, निवेश या ट्रांजैक्ट नहीं किया जाएगा। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को आदेश दिया है कि वे कोटक महिंद्रा बैंक में मौजूद सरकारी खातों की राशि तुरंत अन्य अधिकृत बैंकों में स्थानांतरित करें और इन खातों को बंद करें।

धोखाधड़ी का खुलासा

यह मामला तब सामने आया जब पंचकूला नगर निगम ने अपनी ₹58 करोड़ की एफडी (FD) मैच्योर होने पर राशि ट्रांसफर करने को कहा, लेकिन बैंक स्टेटमेंट में ट्रांसफर सफल दिखने के बावजूद पैसा खाते में नहीं पहुँचा। जांच में निगम की करीब ₹160 करोड़ की एफडी फर्जी पाई गईं। हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में बैंक के तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र सिंह और रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप सिंह राघव को गिरफ्तार किया है। 

सार्वजनिक धन की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त रुख

हरियाणा सरकार सार्वजनिक धन की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त रुख अपना रही है। इससे पहले भी बड़े घोटालों के चलते अन्य निजी बैंकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। फरवरी 2026 में, ₹590 करोड़ के घोटाले के खुलासे के बाद (IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक) इन दोनों बैंकों को भी पैनल से बाहर कर दिया गया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि इन बैंक घोटालों की जांच अब CBI को सौंप दी गई है।

इन मामलों में लापरवाही और मिलीभगत के चलते सरकार ने दो आईएएस (IAS) अधिकारियों, राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार को भी निलंबित कर दिया है। हरियाणा ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे विभिन्न बैंकों में जमा अपने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और ब्याज दरों का पुन: सत्यापन (Verification) करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। 

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